अंजुम शर्मा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अंजुम शर्मा लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 5 अक्टूबर 2024

समय के उलट

मौन से संकेत  
संकेत से ध्वनि 
ध्वनि से बोली 
बोली से भाषा 
बनने की प्रक्रिया 
पुरानी पड़ चुकी है 
नवीन प्रक्रिया में 
भाषाओं का घड़ा रीत चुका है 
बोली 'हल्ला बोलने'
ध्वनि धमकाने 
और संकेत साँसों पर साँकल चढ़ाने के 
काम लाए जा रहे हैं 
हम समय में उल्टे बह रहे हैं 
यह चुप्पी से भाषा निर्माण का नहीं 
भाषा से चुप्पी साधने का समय है।

-  अंजुम शर्मा
----------------

हरप्रीत सिंह पुरी की पसंद 

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2024

शहर

सिर पर 
गेहूँ की बोरी लादकर 
गाँव का आदमी उतरता है शहर में, 

शहर 
गेहूँ की बोरी उसके सिर से उतारता है 
आदमी को पीसता है 
और खा जाता है।

- अंजुम शर्मा
---------------

हरप्रीत सिंह पुरी की पसंद