अभिषेक जैन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अभिषेक जैन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 4 फ़रवरी 2024

एकांत

तुमने जो समर्पित किया 
वह अंधकार में 
दीपक की भाँति है 
तुम्हारे प्रकाश में 
रहूँगा प्रकाशित 
एकांत में!

- अभिषेक जैन।
-----------------

संपादकीय चयन 

गुरुवार, 11 जनवरी 2024

शब्द

शब्द 
अक्षरों से मिल बना 
बड़ा 
लेकिन 
एहसासों को 
कहने में काम न आ सका 
प्रेम भरी नज़र 
आत्मीय छुअन
और 
मौन 
शब्द से आगे निकले हैं 
संवाद की कड़ी में।

- अभिषेक जैन।